September 25, 2026

गुरु घासीदास बाबा के अपमान पर सख्त हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, आरोपी हर्ष चंद्राकर गिरफ्तार

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महासमुंद/रायपुर 24 जून 2026। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सतनामी समाज के आराध्य परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले को लेकर अनुसूचित जाति विकास मंत्री और सतनामी समाज के गुरु गुरु खुशवंत साहेब ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि समाज की धार्मिक आस्था और सम्मान पर चोट पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।बताया गया है कि महासमुंद में एक बार परिसर में हुए विवाद के दौरान आरोपी ने जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ गुरु घासीदास बाबा के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद सतनामी समाज में नाराजगी व्याप्त हो गई थी।

मंत्री के संज्ञान में आते ही हुई कार्रवाई
मामला मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संज्ञान में पहुंचते ही उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने दोषी के खिलाफ तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके बाद महासमुंद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी हर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
सतनामी समाज की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं”
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा का संदेश सत्य, समानता, मानवता और सामाजिक समरसता पर आधारित है। उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल सतनामी समाज की भावनाओं को आहत करता है बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को समाज की धार्मिक आस्था, सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समाज के सम्मान की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाएं भड़काने या भेदभाव को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।उन्होंने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को चेतावनी
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता और भाईचारे की परंपरा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। धार्मिक आस्था और समाज के महापुरुषों का अपमान करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।

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