October 28, 2026

महाकुंभ संगम नोज पर सुबह तीन बजे हुई भगदड़ 17 की मौत

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महाकुंभ में मौनी अमावस्‍या स्‍नान से पहले भगदड़ मचने से 17 लोगों की जान जाने की खबर आई है। वही कई लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को मेला क्षेत्र के केंद्रीय अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. भगदड़ की सूचना पर मेला अधिकारी समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. घटनास्‍थल पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है. संगम नगरी मंगलवार की रात अमंगल हो गई। महाकुंभ में भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि भगदड़ मच गई। इसमें 17 लोगों की मौत हो गई, हालांकि मरने वालों की संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है। बड़ी संख्या में लोग घायल हैं।
महाकुंभ के अस्पताल में घायलों को लेकर आने वाली एंबुलेंस का तांता लगा हुआ है। राहत और बचाव कार्य में पूरा प्रशासन जुटा हुआ है। दर्दनाक हादसा रात करीब दो बजे संगम तट के पास हुआ।

संगम नोज पर सुबह तीन बजे हुई भगदड़
जानकारी के मुताबिक, मौनी अमावस्‍या स्‍नान के दौरान लगभग 3:00 बजे संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भीड़ ज्‍यादा होने के कारण अचानक भगदड़ मच गई. इसमें अब तक कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर आ रही है. सूचना पर आनन फानन एंबुलेंस बुलाई गई. घायलों को केंद्रीय अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. मेला अधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि सभी घायलों को केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके को आम लोगों की एंट्री बंद कर दी। प्रयागराज में भीड़ और न बढ़े, इसलिए प्रयागराज शहर की सीमा वाले सभी जिलों में अधिकारियों को श्रद्धालुओं को रोकने के लिए मुस्तैद कर दिया गया है।

महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं शहर में मौजूद होने का अनुमान है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना है।

इससे ठीक, एक दिन पहले यानी मंगलवार को साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। सुरक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।

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