October 28, 2026

जम्मू कश्मीर पहलगाम में फंसे छत्तीसगढ़ के चिरमिरी के हिन्दू परिवार के लिए नजाकत ने पढ़ा कलमा हिंदू परिवार की बेटी को बताया अपनी बेटी

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चिरमिरी 25 अप्रैल 2025। जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में कुछ दिनों पहले हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से गए चार परिवारों की जान बाल-बाल बची। परिवारों में कुल 11 सदस्य शामिल थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी थे। यह सभी लोग एक फोटोशूट के लिए पहलगाम के पर्यटन स्थल पर मौजूद थे, तभी अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी और इलाके में अफरातफरी मच गई।

परिवार में शामिल कुलदीप स्थापक, उनकी पत्नी पूर्वां स्थापक (जो कि भाजपा की पार्षद हैं) और उनका बच्चा, अरविंद अग्रवाल उनकी पत्नी और बच्ची, हैप्पी बधावान उनकी पत्नी, और शिवांश जैन उनकी पत्नी और बेटा मौके पर मौजूद थे। हमले के समय सभी लोग खुले क्षेत्र में फोटोशूट कर रहे थे, तभी आतंकियों की ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई।

कुलदीप स्थापक को आतंकियों ने घेरा
घटना के दौरान कुलदीप स्थापक को आतंकवादियों ने घेर लिया और कलमा पढ़ने के लिए कहा। यह क्षण बेहद डरावना था, लेकिन उसी समय उनके साथ मौजूद एक स्थानीय कश्मीरी युवक नजाकत, जो कि अरविंद अग्रवाल की बेटी को गोद में लिए था, आगे आया। नजाकत ने कलमा पढ़ा और बच्ची को अपनी बेटी बताया, तब जाकर आतंकियों ने सभी को छोड़ा और आगे बढ़ गए। इसी बीच उनके सामने एक व्यक्ति को आतंकियों ने गोली मार दी, यह मंजर बेहद भयावह था।

परिवार लौटा सुरक्षित, शहर में खुशी और भावुकता का माहौल
घटना के बाद हैप्पी बधावान और उनके परिवार से विशेष बातचीत की। बातचीत के दौरान वे पूरी घटना को याद कर सहमे हुए नजर आए। उनका कहना था कि “ऐसा मंजर हमने कभी सोचा भी नहीं था। हम बस कुछ सेकंड दूर थे मौत से, और ईश्वर की कृपा और नजाकत की हिम्मत से बच पाए।”

घर लौटने के बाद चारों परिवारों के घरों में खुशी का माहौल है। परिजन और पड़ोसी सदमे और राहत के मिले-जुले भाव के साथ उनसे मिलने आ रहे हैं। हर कोई उन्हें देखकर भावुक हो रहा है, और इस बात पर राहत जता रहा है कि वे सकुशल लौट आए।

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