June 15, 2026

CG-PMT के मुन्नाभाईयों का नया कांड, फर्जीवाड़ा मामले में दो एमबीबीएस स्टूडेंट गिरफ्तार, नकली वारंट भेजकर की वसूली

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गरियाबंद 4 दिसंबर 2025। उद्यापन और धमकी देकर अवैध वसूली करने वाले दो MBBS स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के एमबीबीएस विद्यार्थी हैं, जिनका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड और पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़े में पूर्व गिरफ्तारी का इतिहास है।

दोनों आरोपी पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़े के पुराने खिलाड़ी
गरियाबंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्यापन, धोखाधड़ी और धमकी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी
चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन,

निखिल राज सिंह,

मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के MBBS विद्यार्थी हैं और पूर्व में दो बार पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़े के “मुन्नाभाई प्रकरण” में जेल जा चुके हैं। दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।

झूठा नॉन-बेलेबल वारंट भेजकर की गई वसूली
थाना छुरा क्षेत्र के पीड़ित खेमचंद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अगस्त 2025 में उसे डाक से एक नॉन-बेलेबल वारंट प्राप्त हुआ।
जाँच में सामने आया कि आरोपी निखिल राज ने यह वारंट स्वयं तैयार कर प्रार्थी को भेजा था। वारंट दिखाकर उसने प्रार्थी को धमकी दी कि “दो लाख रुपये दो, नहीं तो जेल भिजवा दूंगा।”

डर के कारण पीड़ित ने आरोपी को एक लाख रुपये और उक्त नकली वारंट सौंप दिया। इसके बाद आरोपी के साथी चन्दन सेन ने भी पीड़ित को लगातार धमकाकर अवैध वसूली का प्रयास किया।

गिरफ्तारी की कहानी: ट्रेन से भाग रहा था आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम सक्रिय हुई और आरोपियों की खोज शुरू हुई।

चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन को छुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ पर उसने बताया कि निखिल राज ट्रेन से झांसी भाग रहा है।

पुलिस ने RPF बिलासपुर और पेंड्रारोड की मदद से हमसफर ट्रेन से निखिल राज को पकड़ लिया। दोनों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया।

2009 से चल रही फर्जीवाड़े की काली कहानी
आरोपियों ने खुलासा किया कि वे वर्ष 2007 से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं और अत्यधिक खर्च पूरा करने के लिए 2009 से लोगों को धोखा देकर पैसा कमाने लगे।

उन्होंने कई बार वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाकर पीएमटी परीक्षा पास कराने के लिए मोटी रकम वसूली।

2009 पीएमटी फर्जीवाड़ा – महासमुंद

2010 पीएमटी फर्जीवाड़ा – बिलासपुर

इन दोनों मामलों में आरोपी जेल भी जा चुके हैं।

लंबी आपराधिक सूची ने किया सबको चौंकाया
दोनों के खिलाफ वर्षों से दर्ज गंभीर अपराध पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं—

कई धोखाधड़ी,

भादवि की 419, 420, 468, 471, 120B जैसी धाराएँ,

विभिन्न जिलों एवं अन्य राज्यों में करोड़ों की ठगी,

नौकरी लगवाने के नाम पर धोखा,

पीएमटी परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाना,

जुआ एक्ट सहित कई मामले।

भविष्य में संपत्ति की भी अलग से जांच
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों द्वारा अब तक अवैध तरीकों से अर्जित संपत्ति की भी विस्तृत जांच की जाएगी। मेडिकल कॉलेज जगदलपुर को भी दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भेजी जा रही है।

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