July 30, 2026

मुस्लिम समाज का EWS प्रमाण एवं जाती प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाने के विरुद्ध मुस्लिम समाज ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।

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20/05/25 : बिलासपुर, लगातार बिलासपुर ज़िले के विभिन्न तहसीलों से ये शिकायतें आ रही है की EWS (Economically Weaker Section) के पात्र लोगों का प्रमाण पत्र विभिन्न तहसीलों में नहीं बनाया जाना साथ ही नियमों का हवाला देकर पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र भी मुस्लिम समाज का नहीं बनाया जा रहा है इससे व्यथित हो बिलासपुर मुस्लिम समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधीश से मिलकर ज्ञापन सौंप वस्तु स्थिति से अवगत करा इसे त्वरित सुधारने बात रखी गयी।मा.जिलाधीश महोदय ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया की इस ओर जल्द ही नियमतः कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जाएगा।

विदित हो कि पात्र मुसलमान समाज का EWS (Economically Weaker Section) का सर्टिफ़िकेट जिसमें शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में पात्र आरक्षित वर्ग हेतु १० प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है जिसका सर्टिफ़िकेट तहसीलदार द्वारा बनाया जाता है जिस हेतु शासकीय गाइड्लायन अनुसार रिहायशी ज़मीन 1000/sqft तक हो, 800000/ (आठ लाख रु)तक सालाना आय तथा 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले व्यक्ति के परिवार का EWS सर्टिफ़िकेट बनाये जाने का प्रावधान है जिसे बनाने में अधिकारियों द्वारा हील हवाला कर लगातार घुमाया जा रहा है।

प्रथम तो मुसलमानों के आरक्षण पर पहले ही काफ़ी कटौती कर दी गयी है अब EWS में भी नियमों का खेल कर के minority को उनके अधिकारों से वंचित करने का षड्यंत्र किया जा रहा है,जो मुस्लिम समाज का व्यक्ति अन्य पिछड़ा वर्ग में पात्र नहीं है उसे सामान्य श्रेणी में रखा जाना व्यवस्था का अंग है जिसे नज़रंदाज़ कर मुसलमान पात्र व्यक्तियों का EWS प्रमाण पत्र ना बनाया जाना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता।

अभी स्कूल – कॉलेज में प्रवेश का समय है सभी माँ – बाप अपने बच्चों को उच्च शिक्षा में अच्छे महाविद्दयालों में प्रवेश कराने EWS प्रमाण पत्र की आवश्यकता है उक्त प्रमाण पत्र से शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश में अभिभावकों को इसका लाभ मिल सकता है लेकिन सर्टिफ़िकेट बनाने में अधिकारियों की “प्रशासनिक दादागिरी” से मुस्लिम समाज के पात्र जन व्यथित हैं अतः इस जनहितकारी आवश्यक मुद्दे को जलाधीश के संज्ञान में लाकर अपनी पीड़ा से उन्हें अवगत कराया गया।

ग्रामीण क्षेत्र से आए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि यासीन खान (रतनपुर) नूर मोहम्मद (सीपत) ने बताया कि तहसीलदार मुसलमान समाज के लोगों का EWS प्रकरण ही दर्ज नहीं कर रहे हैं और बोलने पर स्पष्ट गाइड्लायन ना होने का हवाला देकर घुमाने का कार्य कर रहे हैं,जबकि शासन का इस ओर स्पष्ट दिशानिर्देश है की आर्थिक कमजोर और अनारक्षित पात्र वर्ग का EWS प्रमाण पत्र बनाया जाए लेकिन ये अधिकारियों की अफ़सरशाही के चलते हमारी अगली पीढ़ी हमारे बच्चे इस लाभ से वंचित होने मजबूर हैं जो की इनके द्वारा हमारे साथ स्पष्ट दुर्भावना प्रदर्शित करता है।

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कहा की व्यवस्था में अगर सुधार नहीं आया तो जल्द ही इसे हेतु समाज की विस्तारित बैठक कर इस्पर विमर्श कर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और सभी मुसलमान समाज इस अत्यावश्यक मुद्दे पर संगठित हो समाज के वरिष्ठजनों के साथ आंदोलनरत रहने संकल्पित है।आज ज्ञापन सौंपने वाले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से सुश्री शहज़ादी क़ुरैशी(पार्षद),समीर अहमद (बबला),शिबली मेराज खान,शेख़ निज़ामुद्दीन(दुलारे),फ़ारुख खान,शेरू असलम,आदिल आलम खेरनी,आसिफ़ मेमन,इमरान खोखर,अयाज़ खान,इखलाक खान,मज़हर खान,जीशान खान,काशिफ़ अली,आदिल खान आदि उपस्थित थे।

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