छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष कौन, इंटरव्यू हुआ पूरा, इन दो महिला नेत्री की दावेदारी है सबसे ज्यादा मजबूत, भाजपा ने ली चुटकी

रायपुर 6 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से रिक्त चल रहे इस पद के लिए अब चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से सोमवार को राजधानी में पांच प्रमुख महिला नेताओं को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया था।
साक्षात्कार प्रक्रिया में विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा शामिल रहीं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह साक्षात्कार भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने स्वयं लिया। सभी दावेदारों से संगठनात्मक अनुभव, राजनीतिक सक्रियता, महिला सशक्तीकरण और आगामी रणनीतियों को लेकर सवाल किए गए। सूत्रों का कहना है कि इस दौड़ में विधायक संगीता सिन्हा और पूर्व विधायक छन्नी साहू सबसे आगे चल रही हैं। संगीता सिन्हा बालोद क्षेत्र से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुई हैं और वर्तमान में सक्रिय राजनीति में मजबूत पकड़ रखती हैं। वहीं छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव और ममता चंद्राकर पूर्व विधायक रह चुकी हैं और संगठन में लंबा अनुभव रखती हैं।
बताया जा रहा है कि छन्नी साहू के नाम का प्रस्ताव करीब एक साल पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए एआईसीसी को भेजा गया था, लेकिन यह प्रस्ताव अब तक लंबित है। ऐसे में पार्टी के भीतर इस देरी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव खेमा आमने-सामने
महिला कांग्रेस अध्यक्ष के चयन में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी भी खुलकर सामने आ रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगीता सिन्हा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे का समर्थन प्राप्त है, जबकि छन्नी साहू को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव खेमे का मजबूत समर्थन बताया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन दोनों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगना लगभग तय है।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रहा विवाद कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गुटबाजी की शिकार है और पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के नेता सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब संगठन में महिलाओं को नेतृत्व सौंपने की बात आती है, तो भेदभाव किया जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि कांग्रेस की महिला नेता खुद यह आरोप लगा रही हैं कि जमीनी संघर्ष, संगठनात्मक क्षमता और अनुभव को नजरअंदाज कर चापलूसी और गुटबाजी को प्राथमिकता दी जा रही है।

