June 10, 2026

बेवफा डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइक की जमानत याचिका खारिज महिला आरक्षक से रेप का है आरोप

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डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके की मुश्किलें बढ़ गयी है। कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गयी है। दरअसल छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक महिला आरक्षक ने बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके पर रेप और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।
मामला डौंडी थाने में दर्ज हुआ है और न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है, जबकि पीड़िता ने अपने आरोपों को बैंक स्टेटमेंट और मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान से साबित करने का प्रयास किया है।

बीजापुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप कुमार उइके पर एक महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उइके ने लंबे समय तक उसे धोखे में रखकर शारीरिक संबंध बनाए और आर्थिक रूप से भी उसका फायदा उठाया।

पीड़िता ने बैंक स्टेटमेंट सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया और अपनी पूरी आपबीती मजिस्ट्रेट के सामने सुनाई। जिला न्यायालय में न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

 

शादी का झांसा और जबरन गर्भपात का आरोप

महिला आरक्षक ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि दिलीप उइके ने उसे शादी का वादा किया और इसी बहाने उसके साथ संबंध बनाए। आरोप है कि उइके ने तीन बार जबरन उसका गर्भपात भी कराया और लगातार आर्थिक शोषण करता रहा। पीड़िता का यह भी कहना है कि उइके ने कई बार उसे पीटा और जान से मारने की धमकी दी। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने दावा किया कि यह आरोप झूठे हैं और पीड़िता ब्लैकमेल कर रही है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

कैसे हुई थी मुलाकात

पीड़िता और दिलीप उइके की पहली मुलाकात आईटीआई में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि उइके ने अंडमान घूमाने के बहाने पीड़िता के साथ संबंध बनाए। उसने बार-बार शादी का वादा किया लेकिन 2020 में पीएससी से डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद उसने अपने वादे से मुकरना शुरू कर दिया।

पीड़िता के अनुसार, उसने दिलीप की पढ़ाई और खर्चों के लिए लगातार आर्थिक मदद की थी। 2017 में जब वह पुलिस विभाग में भर्ती हुई, तब भी उसने अपनी सैलरी से दिलीप की आर्थिक जरूरतों को पूरा किया।

कौन हैं दिलीप कुमार उइके?

दिलीप कुमार उइके का चयन 2020 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) के जरिए हुआ था। चयन के बाद उनकी पोस्टिंग बीजापुर में बतौर डिप्टी कलेक्टर हुई। आरोप है कि चयन के बाद उइके ने पीड़िता से दूरी बनानी शुरू कर दी और शादी से मुकर गया।डौंडी थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाने के टीआई उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम भेजी गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

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