September 14, 2026

CG- महिला अफसर सहित तीन घूसखोर गिरफ्तार: एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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बिलासपुर/सूरजपुर 18 दिसंबर 2025। । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। पहली कार्रवाई बिलासपुर जिले के नगर पंचायत बोदरी में हुई, जहां मकान निर्माण के लिए नक्शा पास कराने के एवज में रिश्वत मांगने वाले नगर पंचायत के बाबू और सीएमओ को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी कार्रवाई सूरजपुर जिले में हुई, जहां सहकारी समिति में नियुक्ति आदेश जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले सहकारी निरीक्षक को ट्रैप कर पकड़ा गया।

बिलासपुर: नगर पंचायत बोदरी में रिश्वतखोरी का खुलासा
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत नूतन चौक निवासी श्री वेदराम निर्मलकर ने एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्होंने नगर पंचायत बोदरी स्थित अपनी जमीन पर मकान निर्माण के लिए नक्शा पास कराने हेतु नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि नगर पंचायत के बाबू सुरेश सिहोरे ने नक्शा पास करने के लिए निर्धारित शासकीय शुल्क के अलावा 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की।

प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़वाने का निर्णय लिया। एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें बाबू सुरेश सिहोरे और नगर पंचायत की सीएमओ भारती साहू से बातचीत के दौरान 12,000 रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद 17 दिसंबर 2025 को एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपियों के घरों की तलाशी भी ली जा रही है।

सूरजपुर: नियुक्ति आदेश के बदले रिश्वत लेते सहकारी निरीक्षक गिरफ्तार
दूसरी बड़ी कार्रवाई सूरजपुर जिले में की गई। ग्राम करसी, थाना प्रतापपुर निवासी 25 वर्षीय शुभम जायसवाल ने उप पुलिस अधीक्षक, एसीबी अंबिकापुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा गठित बहुउद्देशीय किसान उत्पादक सहकारी समिति में लेखापाल पद पर नियुक्ति के लिए उन्होंने आवेदन किया था। पात्र सूची में नाम आने और साक्षात्कार में शामिल होने के बाद नियुक्ति आदेश जारी होना था।

आरोप है कि मां समलेश्वरी बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, टुकुडांड के प्राधिकृत अधिकारी एवं सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी ने नियुक्ति आदेश जारी करने के बदले शुभम जायसवाल से पहले 1.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। मोलभाव के बाद यह रकम 80 हजार रुपये तय हुई, जिसमें पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।

शिकायत के सत्यापन के बाद 17 दिसंबर 2025 की रात करीब 8.25 बजे एसीबी अंबिकापुर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी को कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, सूरजपुर में 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने यह रकम अपने जैकेट की जेब में रख ली थी और अगले दिन नियुक्ति आदेश देने का आश्वासन दिया था। दोनों मामलों में एसीबी की कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। एसीबी ने कहा है कि आगे भी इस तरह की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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