पुरी जगन्नाथ मंदिर में अक्षय दंड के टूटने से मचा हड़कंप, श्रद्धालुओं में चिंता
MOHAMMAD RAJJAB February 16, 2025
पूरी ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में एक अप्रत्याशित घटना ने श्रद्धालुओं को हैरान और चिंतित कर दिया। मंदिर के शिखर पर स्थित अक्षय दंड (ध्वज स्तंभ) अचानक टूटकर नीचे गिर गया। अक्षय दंड का उपयोग नीलचक्र पर पतितपावन बाना ध्वज फहराने के लिए किया जाता है, जो मंदिर की शाश्वत परंपरा का अहम हिस्सा है।
कैसे हुआ हादसा?
दोपहर के समय जब मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे, तभी अक्षय दंड अचानक टूटकर नीचे गिर गया। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसे लेकर भक्तों में बेचैनी और चिंता का माहौल देखने को मिला। कुछ श्रद्धालुओं ने इसे धार्मिक दृष्टि से अशुभ संकेत माना, जबकि मंदिर प्रशासन ने इसे एक सामान्य घटना करार दिया है।
भक्तों की प्रतिक्रिया
अक्षय दंड के टूटने की खबर सुनते ही मंदिर में मौजूद भक्तों में हलचल मच गई। कुछ श्रद्धालुओं का मानना है कि यह किसी बड़े परिवर्तन या भविष्य की किसी घटना का संकेत हो सकता है। वहीं, कई भक्त इसे भगवान जगन्नाथ की अद्भुत लीला मानकर स्वीकार कर रहे हैं।
प्रशासन ने क्या कहा?
मंदिर प्रशासन के अनुसार, अक्षय दंड का टूटना किसी भी प्रकार से धार्मिक संकेत नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य घटना है जो प्राकृतिक कारणों से हो सकती है। मंदिर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल्द ही नया अक्षय दंड स्थापित किया जाएगा और परंपरा को पूर्ववत जारी रखा जाएगा।
ध्वज स्तंभ का धार्मिक महत्व
पुरी जगन्नाथ मंदिर में प्रत्येक दिन पतितपावन ध्वज फहराने की परंपरा है, जिसे चुनारा सेवक विशेष विधि-विधान के साथ बदलते हैं। मान्यता है कि यदि ध्वज दिन में किसी भी समय गिरता है, तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता। यही कारण है कि इस घटना ने श्रद्धालुओं को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है।
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