July 25, 2026

जिला सुकमा क्षेत्रान्तर्गत सक्रिय 02 लाख की ईनामी महिला नक्सली सहित कुल 04 नक्सलियों के द्वारा किया गया आत्मसमर्पण।

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छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से किया गया आत्मसमर्पण।

नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223, 151, 50, 218 वाहिनी सीआरपीएफ, 204 वाहिनी कोबरा, एवं आरएफटी रेंज कोन्टा के आसूचना शाखा की कार्मिकों रही है विशेष भूमिका।

जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके षोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 01 महिला सहित 04 नक्सलियों के द्वारा जो क्रमशः 01.कलमू आयते पति भीमा उर्फ कुहराम (केएएमएस अध्यक्ष, दुलेड़ आरपीसी, ईनामी 02 लाख रूपये) उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी ताड़मेटला गोंण्डेपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। 02. नुप्पो रघु पिता नुप्पो चंद्रा (मिलिषिया सदस्य, मोरपल्ली आरपीसी) उम्र 27 वर्ष जाति दोरला निवासी मोरपल्ली इत्तापारा थाना चिंतालनार जिला सुकमा। 03. मड़कम कोना पिता जोगा (मिलिशिया सदस्य, मोरपल्ली आरपीसी) उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी कंगालतोंग थाना भेजी जिला सुकमा। 04. सोड़ी लच्छा पिता हुंगा (मिलिशिया सदस्य,मोरपल्ली आरपीसी) उम्र 27 वर्ष जाति दोरला निवासी मोरपल्ली इत्तापारा थाना चिंतालनार जिला सुकमा। जिला सुकमा के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज दिनांक 21.03.2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल, निरीक्षक अरपर्ण गोगोई, 50 वाहिनी सीआरपीएफ, निरीक्षक सुजीत कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों में 02 लाख ईनामी महिला नक्सली कलमू आयते पति भीमा उर्फ कुहराम को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223 वाहिनी सीआरपीएफ, एवं 03 पुरूष नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 151, 50, 218, वाहिनी सीआरपीएफ, 204 वाहिनी कोबरा एवं रेंज फिल्ड टीम कोन्टा के कार्मिकों की रही है विशेष प्रयास।

उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राषिएवं अन्य सुविधायें प्रदान करोये जायेंगे।

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