June 10, 2026

CG: कोरबा इधर पुलिस सोती रही कुंभकरण की नींद उधर 10 टन लोहे के पुल को काट ले गए कबाड़ माफिया

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कोरबा 20 जनवरी 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा जिले में डीजल माफिया के बाद अब कबाड़ माफियाओं का आतंक खुलकर सामने आ गया है। पुलिस से बेखौफ कबाड़ माफिया के गुर्गो ने शहर में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने न सिर्फ आम जनता को हैरान कर दिया है, बल्कि पुलिस की रात्रि गश्त और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला शहर के ढोढ़ीपारा वार्ड का है। जहां नहर पर बना सालों पुराना लोहे का भारी-भरकम पुल कबाड़ चोर एक ही रात में काटकर ले गए। वार्ड के बीजेपी पार्षद ने कानून व्यवस्था और पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग पर गंभीर सवाल उठाये है। पार्षद ने इस घटना की शिकायत एसपी से भी की है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद से ही अवैध कारोबारी और माफिया भूमिगत हो गये थे। लेकिन समय गुजरने के साथ ही अवैध कारोबार एक बार फिर पनपने लगा है। कोरबा जिले में एसईसीएल की खदानों में एक तरफ जहां डीजल माफिया बेखौफ होकर तांडव मचा रहे है। वहीं दूसरी तरफ कबाड़ माफिया कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर बखौफ होकर सरकारी संपित्तयों की चोरी कर रहे है। ताजा मामला कोरबा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 ढोढ़ी पारा का है। यहां से बीजेपी पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने बताया कि क्षेत्र से गुजरने वाले नहर पर सीएसईबी प्रबंधन द्वारा सालों पहले लोहे का पुल बनवाया गया था। वर्षों से यह पुल स्थानीय लोगों के लिए नहर पार करने का प्रमुख साधन था। जिसे 17 जनवरी की रात कबाड़ चोरों ने गैस कटर की मदद से पूरे पुल को टुकड़ों में काटकर आराम से ले उड़े।

लेकिन पुलिस को इसकी सनसनीखेज चोरी की भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद जब सुबह लोग मौके पर पहुंचे, तो पुल की जगह सिर्फ कटे हुए लोहे के निशान और खाली पड़ी नहर नजर आई। इस सनसनीखेज चोरी की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। कबाड़ चोरों की इस करतूत के बाद जहां स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी और भय है। वहीं आम लोग पुलिस की कार्य प्रणाली और शहर की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़ा कर रहे है। लोगों का कहना है कि अगर इतने बड़े और वजनी पुल को एक रात में चोरी किया जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा आखिर किस भरोसे पर है ? वार्ड के बीजेपी पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने कबाड़ चोरों के इस दुस्साहस पर गंभीर चिंता जताते हुए पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े किये है। पार्षद ने इस मामले की लिखित शिकायत एसपी सिद्धार्थ तिवारी से की है।

अवैध कारोबार को मिल रही छूट बनती जा रही गले की फांस
कोरबा जिला पहले से ही कोयला-कबाड़ी और डीजल चोरी के नाम से पूरे प्रदेश में बदनाम है। लेकिन समय बीतने के साथ-साथ जिस तरह से जिले में अवैध कारोबारी और माफिया एक बार फिर सक्रिय हो रहे है, उसकी खबर पुलिस को नही है, ऐसा नहीं है। जिस दुस्साहस के साथ कबाड़ चोरों ने 10 टन से भी ज्यादा वजनी पुल को काटकर ले गये, उससे उनको मिलने वाले संरक्षण का भी सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि आखिर किसके संरक्षण में अवैध कारोबार पनप रहा है ? आखिर वो कौन सी शक्ति है जिसके संरक्षण में माफिया और उनके गुर्गे कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे है ? ये वो सवाल है, जिसने जिले की कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ कर दिये है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करती है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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