June 10, 2026

1 करोड़ का ईनामी खूंखार नक्सली गणेश उइके ढेर, हिड़मा के बाद दूसरा सबसे खतरनाक नक्सली था उईके, चार और नक्सली भी मारे गये

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बस्तर 25 दिसंबर 2025। ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली संगठन के शीर्ष नेता और केंद्रीय कमेटी सदस्य गणेश उइके समेत चार नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। यह मुठभेड़ कंधमाल जिले के गंजम सीमा से सटे राम्पा इलाके के जंगलों में हुई, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गणेश उइके ओडिशा में नक्सली संगठन का प्रमुख रणनीतिक चेहरा माना जाता था और वह लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कुल 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गणेश उइके पिछले तीन दशकों से नक्सली आंदोलन से जुड़ा हुआ था और बस्तर सहित ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने में उसकी भूमिका रही थी।
राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि कंधमाल जिले के जंगल क्षेत्र में चार सशस्त्र नक्सली छिपे हुए हैं। इस इनपुट के आधार पर ओडिशा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की संयुक्त टीमों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। काफी देर तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में टॉप नक्सली गणेश उइके भी शामिल था, जिसकी पहचान मौके पर ही कर ली गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारे गए अन्य तीन नक्सलियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, हालांकि उनकी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। मुठभेड़ स्थल से हथियार, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है।

गणेश उइके को नक्सली संगठन में एक कुशल रणनीतिकार और हार्डकोर कमांडर माना जाता था। उसने अपने तीन दशक लंबे नक्सली करियर में कई हमलों, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर किए गए हमलों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को अंजाम दिया था। बस्तर क्षेत्र में उसकी सक्रियता के कारण वह सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में लंबे समय से शामिल था।

इस मुठभेड़ को ओडिशा और पड़ोसी राज्यों में नक्सल नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गणेश उइके के मारे जाने से नक्सली संगठन की रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व को गहरा नुकसान पहुंचेगा। फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जंगल में कोई अन्य नक्सली मौजूद न हो।

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