3 वर्ष की मासूम प्रिया साहू के दफन स्थल पर तंत्र मंत्र ग्रामीणों में आक्रोश
MOHAMMAD RAJJAB February 15, 2026
बालोद 15 फरवरी 2026। जिले के बालोद में एक मासूम बच्ची के दफन स्थल से जुड़ी संदिग्ध परिस्थिति ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गुंडरदेही थाना क्षेत्र के हल्दी चौकी अंतर्गत ग्राम माहुद-बी में तीन वर्षीय प्रिया साहू की मौत के बाद दफनाए गए स्थान के पास कथित तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री मिलने से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर 2025 को प्रिया साहू (3 वर्ष) का निधन हो गया था। परिवार ने परंपरा के अनुसार बच्ची को गांव के मुक्तिधाम जाने वाले मार्ग के समीप दफनाया था। घटना के कई महीनों बाद शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तो उन्होंने दफन स्थल के आसपास असामान्य स्थिति देखी। स्थल की मिट्टी अव्यवस्थित थी और पास ही कटा हुआ नींबू, मिट्टी के दीये तथा अगरबत्ती जैसी वस्तुएं पड़ी थीं।
इन वस्तुओं को देखकर ग्रामीणों के बीच तंत्र-मंत्र के तहत शव से छेड़छाड़ की आशंका तेजी से फैल गई। देखते ही देखते खबर गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों के बीच भय, असमंजस और आक्रोश का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही हल्दी चौकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए कहा है कि मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है। मृत बच्ची के पिता ने चौकी प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर दफन स्थल की खुदाई कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि किसी ने धार्मिक आस्थाओं या अंधविश्वास के नाम पर दफन स्थल से छेड़छाड़ की है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दफन स्थल से शव को बाहर निकालने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया प्रशासनिक अनुमति के बाद ही संभव है। नियमानुसार इसके लिए एसडीएम की अनुमति आवश्यक है। पुलिस ने बताया कि अनुमति के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है और आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोगों ने अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग की है।
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