October 27, 2026

अपोलो के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ आरोपी नरेंद्र जान विक्रमादित्य यादव ने न केवल अपनी पहचान, बल्कि अपने पिता का नाम और शैक्षणिक योग्यता भी फर्जी तरीके से प्रस्तुत की थी। पूछताछ में नरेंद्र ने यह स्वीकार किया है

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बिलासपुर 6 मई 2025। अपोलो अस्पताल में बतौर कार्डियोलॉजिस्ट कार्यरत फर्जी डॉक्टर नरेंद्र जॉन केम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव से पूछताछ चल रही है। डॉक्टर फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज कर रहे इस व्यक्ति के कारण कई मरीजों की मौत होने का गंभीर आरोप है। एसएसपी रजनेश सिंह स्वयं मामले की जांच की कमान संभालते हुए आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने न केवल अपनी पहचान, बल्कि अपने पिता का नाम और शैक्षणिक योग्यता भी फर्जी तरीके से प्रस्तुत की थी। पूछताछ में नरेंद्र ने यह स्वीकार किया है कि उसने बनावटी मेडिकल डिग्री तैयार कर खुद को कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में स्थापित किया। इस फर्जी पहचान के दम पर वह वर्षों से दिल के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन तक कर रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह स्वयं सरकंडा थाना पहुंचे और लगभग डेढ़ घंटे तक आरोपी से पूछताछ की। इस दौरान एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाए और मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर के इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी डिग्री के आधार पर उसने कहां-कहां और कितने समय तक कार्य किया, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई नेटवर्क या गिरोह तो इस कार्य में शामिल नहीं है।

बिलासपुर के स्वास्थ्य विभाग और अपोलो अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि बिना प्रमाणिक जांच के एक डॉक्टर को हायर कैसे किया गया। इस पूरे प्रकरण ने चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

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