July 30, 2026

छत्तीसगढ़ में भारतमाला घोटाला पार्ट-2, 19 खसरों को 92 टुकड़ों में बदल लिया करोड़ों का मुआवजा, गांव वाले पहुंचे ईडी दफ्तर

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Chhattisgarh Bharatmala Project Scam: रायपुर से विशाखापट्टनम हाईवे भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए जमीनों के अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरण घोटाले का एक और मामला सामने आया है। इसमें धमतरी के ग्राम सिवनीकला के 19 खसरों को 92 टुकड़ों में बदलकर करोड़ों का मुआवजा लिया गया। ( Chhattisgarh News ) इस खेल में गांव के रसूखदारों से लेकर राजस्व अधिकारी और कुछ नेता भी शामिल हैं। यही वजह है कि इस मामले की अभी तक किसी भी एजेंसी ने जांच नहीं की। न एंटी करप्शन ब्यूरो ने और न ही ईडी ने इस मामले को जांच के दायरे में लिया है। कुछ दिन पहले पीडि़त ग्रामीणों ने फिर ईडी में पूरे मामले की शिकायत की है।

Bharatmala Project Scam: क्या है मामला
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली सड़क के लिए सिवनीकला गांव के भी 19 खसरों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके लिए जनवरी 2019 में सूचना जारी की गई थी। इसके बाद गांव के कुछ नेताओं और राजस्व अधिकारियों ने जमीन मालिकों के साथ मिलीभगत करके बड़ी जमीनों के 92 छोटे टुकड़े किए। इनके आधार पर लाखों रुपए का मुआवजा लिया गया। इससे शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ।
अब तक जांच नहीं
कुछ किसानों को भारी मुआवजा और वास्तविक हितग्राहियों को कम मुआवजा मिला। (Bharatmala Scam) इससे वास्तविक हितग्राहियों ने पूरे मामले की राजस्व अधिकारियों से शिकायत की। इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीडि़त किसान अमित चंद्राकर, बलराम, प्रकाश, हेमशंकर आदि का कहना है कि कलेक्टर, संभाग आयुक्त सहित कई अधिकारियों को पूरे मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। फिलहाल ग्रामीणों ने एक बार फिर ईडी में पूरे मामले की शिकायत की है।

अभनपुर की जांच, सिवनीकला की क्यों नहीं
अभनपुर में भी भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया गया था। इस मामले की एंटी करप्शन ब्यूरो और ईडी ने भी जांच की। राजस्व अधिकारियों, दलालों आदि के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। कुछ आरोपियों को जेल भी भेजा गया, लेकिन इस सिवनीकला के मामले में कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है कि इसमें कुछ रसूखदार नेताओं का भी जुड़ाव है। इसके अलावा कई राजस्व अधिकारियों की भी अनियमितता सामने आई है।

कलेक्टर ने इन गांवों की जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगाई थी रोक
नई रेलवे लाइन के लिए ग्राम आलेसुर, पचरी, छड़िया, नाहरडीह, पथरकुंडी, खरोरा, मांठ, बेलदारसिवनी, बुड़ेनी, खौली, टिकारी, डिघारी, नारा, रीवा, परसदा, उमरिया, गुजरा, धमनी, गनौद, खरखराडीह, नवागांव, तर्रा, थनौद, जामगांव, गिरहौला, बेलभाठा, उरला, अभनपुर, सारखी, कोलर, खोरपा, पलौद, डोडरा, खट्टी, परसदा की जमीनें प्रभावित होंगी। इसलिए इन गांवों की जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है।

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