September 14, 2026

30 आत्मसमर्पित नक्सलियों को दिया गया राज मिस्त्री का प्रशिक्षण समाज की मुख्य धारा से जोड़ने जिला प्रशासन की अभिनव पहल एसपी श्री किरण चव्हाण ने किया प्रमाण पत्र का वितरण

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सुकमा/ छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए सुनहरे भविष्य की राह तैयार की किया जा रहा है। इसी कड़ी में सुकमा जिले में पुनर्वास केंद्र में निवासरत 30 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और एसपी किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी लाभार्थियों को एसपी श्री किरण चव्हाण ने कार्यालय में प्रमाण पत्र प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति- राज्य सरकार ने पहले ही यह घोषणा की थी कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास केंद्र में रखकर उनके कौशल विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे। इस योजना से नक्सली गतिविधियों से दूरी बनाने वालों को न केवल सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों को आजीविका के साधन भी उपलब्ध होंगे।

शांति और विकास की राह में सम्मानजनक पहल- लाइवलीहूड कालेज के तत्वाधान में आरसेटी के तहत चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की दिशा में यह एक अहम प्रयास माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की योजनाएं बाकी सक्रिय नक्सलियों को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगी।

जीवन की नई शुरुवात और उम्मीद की किरण- प्रशिक्षण हासिल करने वाले सभी आत्मसमर्पितों को एसपी श्री चव्हाण के द्वारा प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। प्रमाण पत्र पाकर प्रशिक्षित युवाओं में आत्मविश्वास साफ नजर आया। प्रशासन ने भरोसा जताया कि इस पहल से न सिर्फ उनका भविष्य सवंरेगा बल्कि सुकमा में स्थायी शांति और स्वरोजगार स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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