October 27, 2026

क्या गुनाह था इस बेजुबान बाईसन का जिसको दे दी एक्सपायरी दवा की डोज, तड़प तड़प कर गई होगी जान, वन्यप्रेमी नितिन सिंघवी ने दस्तावेज सहित किए ये बड़े खुलासे बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजे गए बाईसन का मामला

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रायपुर 2 मार्च 2025।  जनवरी को बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजी गई मादा सब एडल्ट बाइसन की मौत 12 घंटे की ट्रक की यात्रा के बाद गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व पहुंचने पर हो गई थी। इस मामले में वन विभाग के ही दस्तावेज यह बता रहे हैं कि बाइसन की हत्या की गई।

बेहोशी से निकालने की दवा कालातीत थी
बड़े वन्य प्राणियों को ट्रांस्लोकेट करने के लिए पहले उन्हें पकड़ने (कैप्चर) करने के लिए बेहोश किया जाता है। बेहोशी से निकलने के लिए उसी बेहोश करने वाली दवा की एंटीडॉट (रेवेर्सल) का इंजेक्शन दिया जाता है। दुर्भाग्यपशाली मादा सब एडल्ट बाइसन को बेहोश करने की जो दवा दी गई थी वह कैपटीवान थी। कैपटीवान कितनी ताकतवार होती है इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह मोर्फिन से तीन से आठ हजार गुना ताकतवार होती है। मादा सब एडल्ट को कैपटीवान तो दी गई पर उसका असर पलटने के लिए जो एक्टिवोन का इंजेक्शन लगाया गया वह एक्टिवान 10 महीने पहले ही कालातीत (एक्सपार) हो गई थी, इसलिए वह एक्टिवोन असर नहीं कर पाई और मादा सब एडल्ट बाइसन की मौत ताकतवार कैपटीवान के असर में घंटो रहने के कारण हो गई।

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